Tuesday, January 24, 2006

इतिहास कहीं परिहास ना हो जाये

अगर आप को स्‍कूल के बच्‍चों के पाठयक्रम के लिये अमेरिका का इतिहास लिखने के लिये कहा जाय तो आप क्‍या करेंगे। यही ना कि अमेरिका में उन लोगों से सम्‍पर्क करेंगे जिन्‍होने वहाँ के स्‍कूल के लिये इतिहास का पाठयक्रम लिखा हो या फिर अमेरिका के किसी एक या दो इतिहासविद्‌ से सम्‍पर्क कर मदद लेंगे। अगर आप हाँ कह रहे हैं तो मैं कहूँगा कि हमारी इसी दकयानूसी सोच के लिये पश्‍चिम वालें हमें पिछड़े देशों की कतार में खड़ा करते हैं।

अब सिचुएशन पलट दीजिये, अमेरिका में, स्‍कूल के पाठयक्रम के लिये भारत का इतिहास शामिल करना हो तो क्‍या होगा? ज्‍यादा दिमाग में जोर डालने का नही है। क्‍योंकि जो हो रहा है वो तो अखबार में वैसे ही खबर बनके आ गया। जी हाँ, एक स्‍पेशियल कमीशन भारत का इतिहास दोबारा (पुनः) लिख रहा है। कैलिफोर्निया की लोकल संस्‍थाओं में तू-गलत मैं-सही मची है।

एक जगह पर कहा है कि हिन्‍दी भाषा अरेबिक स्‍क्रीपट से लिखी गयी है तो कहीं एक मुस्‍लिम फोटो के नीचे ब्राह्मण पुजारी लिखा गया है। अब ये गल्‍तियाँ तो शायद रिवीजन में ठीक हो जायें। लेकिन इतिहास की अगर ऐसी तेसी हो जाये तो क्‍या कीजियेगा।

विस्‍तार से आंग्‍ला भाषा (अंग्रेजी) में यहाँ पढ़िये

3 comments:

Amit said...

इतिहास का तो बंटाधार होना ही होना है, इसमे कोई दो राय नहीं हैं। लगता है कि हमारी आने वाली पीढ़ियाँ यह पढ़ेंगी कि अरबी भाषा पहले आई और हिन्दी उसमें से विकसित हुई। बाबर कोई आक्रमणकारी न था, वह तो यहाँ का सही मायनों में बादशाह था जिसने हिन्दुस्तान की तकदीर बदल दी तथा औरंगज़ेब एक धर्मनिरपेक्ष बादशाह था!! स्वतंत्रता संग्राम के सबसे बड़े नेता गांधी नहीं नेहरू थे और यह सरदार पटेल नहीं वरन् नेहरू के करकमलों का फल था कि सभी 500 से भी ज्यादा रियासतें एक भारत देश में जुड़ गईं!! राजीव गांधी एक महान नेता थे और सोनिया गांधी उससे भी महान, जिसने प्रधानमंत्री पद को ठुकरा दिया(जैसे उन्हें कोई बनने देता)। *roll eyes*

मुझे तो लगता है कि इतिहास पर जितनी पुस्तकें मिल सकती हैं, अभी से खरीदकर संग्रहित करना शुरू कर दूँ!! ;)

Dinesh said...

यह लोग भारत का इतिहास लिखने के लायक नही|
भारत मे जो इतिहास पून्जि है, उस्के अलावा BBC archives भी काफ़ि विस्त्रुत एवम सही इतिहास का कोश है जिस से अमरीकी इस मामले मे सहायता ले तो इतिहास के लिये भी अच्छा और अमरीकी भारतीयो के लिये भी अच्छा |

Amit said...

आपको "टैग" किया जाता है!!