Saturday, September 03, 2005

हिन्दी सुभाषित सहस्र: १२वीं अनुगूँज

गागर में सागर भरने की कोशिश में अपनी तरफ से कुछ बुंदें - देर से ही सही पर बरसी तो।

सफलता
1. हार का स्‍वाद मालूम हो तो जीत हमेशा मीठी लगती है - माल्‍कम फोर्बस

2. हम सफल होने को पैदा हुए हैं, फेल होने के लिये नही - हेनरी डेविड

3. पहाड़ की चोटी पर पंहुचने के कई रास्‍ते होते हैं Anugoonja लेकिन व्‍यू सब जगह से एक सा दिखता है - चाइनीज कहावत

4. यहाँ दो तरह के लोग होते हैं - एक वो जो काम करते हैं और दूसरे वो जो सिर्फ क्रेडिट लेने की सोचते है। कोशिश करना
कि तुम पहले समूह में रहो क्‍योंकि वहाँ कम्‍पटीशन कम है - इंदिरा गांधी

5. सफलता के लिये कोई लिफ्‍ट नही जाती इसलिये सीढ़ीयों से ही जाना पढ़ेगा

6. हम हवा का रूख तो नही बदल सकते लेकिन उसके अनुसार अपनी नौका के पाल की दिशा जरूर बदल सकते हैं।

किश्‍मत
7. हर इक बदनसीबी आने वाले कल की खुशनसीबी का बीज लेकर आती है - ओग मेनडिनो

प्रशन्‍नता
8. प्रशन्‍नता ऐसी कोई चीज नही जो तुम कल के लिये पोस्‍टपोंड कर दो, यह तो वो है जो हम अपने आज के लिये डिजाइन करते हैं - जिम राहं

आशावाद
9. अगर तुम पतली बर्फ पर चलने जा रहे हो तो हो सकता है कि तुम डांस भी करने लगो।

10. निराशावाद ने आज तक कोई जंग नही जीती - ड्‍वाइन डी. आइसनहॉवर

11. निराशावादीः एक ऐसा इंसान जिसके पास अगर दो शैतान चुनने की च्‍वाइश हो तो वो दोनो चुनता है - आस्‍कर वाइल्‍ड

12. दो आदमी एक ही वक्‍त जेल की सलाखों से बाहर देखते हैं, एक को कीचड़ दिखायी देता है और दूसरे को तारे - फ्रेडरिक लेंगब्रीज

1 comments:

Atul Sabnis said...

आपके निठल्ले चिन्तन से प्रभावित हो कर ठेले पर हिमालय की शुरुवात हुई। धन्यवाद।

http://hexperiments.blogspot.com